Posts

Showing posts from January, 2011

Kaisi yeh Paheli

कल  तक  बस  एक  खेल  था  जो अब  आये  ना  वो  समझ अक्सर  सुनते  और  सुलझाते  उसको मैं  खुद  ही  उसमे  जाऊं  उलझ अज़ब  सी  है,  ये  कैसी  माया जिसे  अब  तक  मैं   समझ  ना पाया है  एक  पहेली  ऐसी जिसे  सुलझाओ   तो  मैं  जानुं है  एक  कहानी  ऐसी  जिसे  सुन  पाओ तो  मैं  मानू        

Illusion

Everything was perfect Everything was right No tensions No more fights Life was a cake A drink full of ice When I opened my eyes Everything was just so quiet Suddenly I realized My dream was awesome and Reality Bites...

Tere liye

वो  बचपन  की  प्यार  भरी  धुप जहाँ  हर  पल मुझे  साया  देती  तू तेरी  आँचल  में  मेरा  वो  छुपना इन  मीठी  यादों  का  कैसे  पाऊं  कोई  कोना कितनी  रातें  तुने  जागते  हुए  बितायी  है ये सोच के जाने  क्यूँ आँख  भर  आई  है तेरी वो झिडकियां आज  भी  महसूस  करती  हूँ वो हर एक पल  को  आज  भी  महफूज़  रखती  हूँ  ये  सच  है  तेरे  पास  नहीं  हूँ  मैं  ज़िन्दगी  की  भाग  दौड़  ने  कोसों  किया  मुझे  दूर पर  जब  भी  तुझे याद किया ,दिखाई दिया बस तेरा ही नूर कहते सुना है  लोगों  को, दुनिया  में  तू  नहीं  तो  कुछ  नहीं मेरे  लिए  तो  तू  नहीं  तो  दुनिया क्या, मेरा वजूद ही नहीं  माँ...