Posts

Showing posts from February, 2011

यूँही कभी कभी .....

बेजुबान से यूँ ही हम भी बैठे होते  गर ये महफ़िल ना सजी होती  अपने ज़ज्बातों का इल्म ना होता  गर ये ख़ामोशी ना तोड़ी होती..........